
आखिर क्या है ? SLCM टेक्नोलॉजी और इसका क्या उपयोग है
दोस्तों हालही में आई मीडिया अपडेट के अनुसार जल्द ही भारत दुश्मनों पर समुद्र में भी अपना दबदबा कायम कर लेगा रिपोर्ट्स के अनुसार क्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने सीक्रेटली इस साल फरवरी में क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया.
यह पनडुब्बी से लॉन्च किया जाने वाला क्रूज़ मिसाइल यानि SLCM है. इसको पनडुब्बियों के टारपीडो ट्यूबों से लॉन्च किया जा सकता है. एसएलसीएम को जमीन पर हमला करने वाली निर्भय क्रूज मिसाइल के आधार पर बनाया गया है. इस क्रूज मिसाइल में 500 किमी दूरी तक वार करने की क्षमता होगी। इस प्रणाली को रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन यानि DRDO ने विकसित किया है।
भारत में निर्मित सबमरीन के लिए SLCM एक अहम हथियार साबित हो सकती है और इसका फायदा रक्षा बलों की हथियार प्रणाली को मजबूत करने में मिलेगा।
आखिर क्या है ? SLCM आइये जानते है
दरसल पनडुब्बी से प्रक्षेपित की जाने वाली क्रूज मिसाइल को SLCM कहा जाता है। एसएलसीएम का वर्तमान संस्करण एक गतिरोध हथियार है जिसे भूमि-हमला क्रूज मिसाइल (एलएसीएम) कहा जाता है। LACM का उपयोग पारंपरिक या परमाणु पेलोड के साथ भूमि लक्ष्यों पर हमला करने के लिए किया जाता है
A cruise missile launched from a submarine is called an SLCM. The current version of an SLCM is a standoff weapon called a land attack cruise missile or LACM . LACM are used to attack land targets with conventional or nuclear payloads
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