
Apna App Success Story
Apna ऐप की सफलता की कहानी निर्मित पारिख की है, जिन्होंने एप्पल की नौकरी छोड़कर 2019 में यह प्लेटफॉर्म शुरू किया। उन्होंने ब्लू-कॉलर और ग्रे-कॉलर कर्मचारियों की नौकरी खोजने में आ रही समस्याओं को समझा, और उनका लक्ष्य एक ऐसा ऐप बनाना था जो इन कर्मचारियों को नियोक्ताओं से जोड़ सके। ऐप की सफलता का श्रेय इसे भारत का सबसे तेजी से यूनिकॉर्न बनने वाले स्टार्टअप के रूप में वर्णित किया गया, क्योंकि यह सिर्फ 22 महीनों में $1.1 बिलियन डॉलर (लगभग ₹9,000 करोड़) के मूल्यांकन तक पहुंच गया।
दरअसल भारत की बात करें तो इस समय युवाओं के सामने नौकरी पाना एक बड़ी चुनौती है, देश के युवओं में टैलेंट की कोई नहीं है लेकिन उनके सामने नौकरी पाने में एक बड़ी चुनौती सही रेज्यूमे का ना होना है. आज हम आपको एक शख्स के बारे में बताएंगे जिसने युवाओं की इस परेशानी को समझा और उसे दूर करने के लिए एक ऐप बनाई और
इसके जरिए उन्होंने सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म तैयार किया, जिसकी मदद से लोग कंपनियों के HR से डॉयरेक्ट बात करके इंटरव्यू फिक्स कर सकते हैं. इस ऐप की सहायता से लोगों को नौकरी मिलने में खासी मदद मिली. लोगों को नौकरी देने के साथ ही इस कंपनी ने खुद भी बहुत कम समय में तरक्की की और मात्र 22 महीनों में देश की सबसे जल्दी यूनिकॉर्न कंपनी बनकर इतिहास रच दिया.
Apna के फाउंडर का नाम निर्मित पारिख है. वो कंपनी के सीईओ भी हैं. उन्होंने साल 2019 में Apna की शुरुआत की थी. निर्मित ने निरमा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया. इसके बाद उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस एमबीए की डिग्री ली. निर्मित ने अपनी काबिलयत के दम पर 22 महीनों के अंदर ही इसे यूनिकॉर्न कंपनी बना दिया. आज अपना कंपनी की वैल्यूएशन 1.1 अरब डॉलर है.
निर्मित बचपन से ही क्रिएटिव थे और सात साल की उम्र में उन्होंने डिजिटल क्लॉक सर्किट बना दिया था. जब वो मात्र 13 साल के थे, तो उन्होंने रोबोटिक्स में पहली प्रोग्रामिंग करके सबको हैरान कर दिया था. जब 2006 में जब वो बीटेक कर रहे थे चब उन्होंने ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित की जो बाढ़ से ना र्सिफ बचाती थी बल्कि हाईड्रो इलेक्ट्रिसिटी पैदा करने में मदद करती थी. निर्मित ने अमेरिका में Intel लिए डेटा एनालिटिक्स डायरेक्टर के तौर पर काम किया. वहीं एमबीए करने के बाद उन्होंने Apple में नौकरी की.
सफलता के मुख्य कारण:
संस्थापक की गहरी समझ: निर्मित पारिख ने खुद इलेक्ट्रीशियन के रूप में काम करके ब्लू-कॉलर क्षेत्र की समस्याओं को गहराई से समझा, जिससे उन्होंने एक ऐसा उपयोगकर्ता-केंद्रित प्लेटफॉर्म बनाया जो वास्तव में लोगों की जरूरतों को पूरा करता है।
सही समय पर लॉन्च: ऐप को कोविड-19 महामारी से ठीक पहले लॉन्च किया गया था, और स्वास्थ्य सेवा और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में मानव संसाधन की अभूतपूर्व मांग के कारण इसे तेजी से विकास हुआ।
तकनीकी विकास: ऐप कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और 70 से ज़्यादा श्रेणियों में 50 लाख से ज़्यादा नौकरियां प्रदान करता है। यह 2 लाख से ज़्यादा कंपनियों को जोड़ता है, जो लोगों को पार्ट-टाइम और फुल-टाइम, नाइट शिफ्ट और वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्प प्रदान करता है।
मजबूत नेटवर्क और विस्तार: Apna ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके अपनी ऑनलाइन उपस्थिति का विस्तार किया और 70 से ज़्यादा शहरों में अपनी सेवाएं प्रदान करता है। आज, इस पर 1,50,000 से ज़्यादा कंपनियाँ पंजीकृत हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस समय अपना ऐप के प्लेटफॉर्म पर Swiggy, Zomato, Flipkart, Paytm व Byjus जैसी बड़ी कंपनियां जुड़ी हुई हैं. मौजूदा समय में अपना ऐप के 1 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड है।
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